अरुण जेटली ने मोदी 2.0 सरकार में शामिल होने से कर दिया था इनकार, वित्त मंत्री के तौर पर कैसा था 5 साल का कार्यकाल

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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का निधन हो गया. शनिवार को 66 वर्षीय अरुण जेटली ने दिल्ली के एम्स में आखिरी सांस ली. अरुण जेटली को सांस में तकलीफ के चलते 9 अगस्त को एम्स में भर्ती करवाया गया था. अरुण जेटली डॉक्टरों की एक टीम की निगरानी में थे.

साल 2019 में भारी बहुमत से जीतकर सत्ता में लौटी मोदी 2.0 सरकार में अरुण जेटली ने कोई भी मंत्रिपद लेने से इनकार कर दिया था.

अरुण जेटली ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही पीएम मोदी को मना कर दिया था कि वो अबकी बार कहीं से चुनाव नहीं लड़ेंगे और सरकार आने पर वो किसी भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे. हालांकि साल 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी अरुण जेटली को मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाने के लिए उनसे मिलने उनके घर भी गए थे लेकिन अरुण जेटली अपनी बात पर अड़े रहे और खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया.

अरुण जेटली ने साल 2018 मई में किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था जो कि पूरी तरह सही नहीं हुआ था. जेटली ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा था कि वह इस अपने इलाज के लिए समय चाहते हैं, इसलिए वह कोई भी पदभार संभालने में समर्थ नहीं हैं. पीएम मोदी चाहते थे कि अरुण जेटली उनके मंत्रिमंडल का हिस्सा बनें और अपने अनुभव से देश की जनता के लिए और भी बेहतरीन काम करें.  

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए थे. उन्होंने अपने कार्यकाल में नोटबंदी, जीएसटी, इनसॉल्वेंसी एवं बैंकरप्शी कोड, जनधन, कैश ट्रांसफर जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लागू किए. उस समय बहुत से जानकार अरुण जेटली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के लिए संकट का साथी मानते थे. वहीं नरेंद्र मोदी ने भी अरुण जेटली को बेशकीमती हीरा बताया था.

अरुण जेटली के 5 साल का रिपोर्ट कार्ड
अरुण जेटली के कार्यकाल में नोटबंदी, GST जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लागू हुए
इनसॉल्वेंसी एवं बैंकरप्शी कोड, जनधन, कैश ट्रांसफर जैसे जबर्दस्त कदम अरुण जेटली ने उठाए
जीएसटी लागू होने बाद जीएसटी परिषद में सारे प्रस्ताव सर्वसम्मति से अनुमोदित किए गए
राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना उनके कार्यकाल की एक प्रमुख उपलब्धि रही
राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3 फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा, जेटली इसे 3.4 फीसदी तक लाने में सक्षम रहे
अरुण जेटली ने रिजर्व बैंक में मौद्रिक नीति समीक्षा समिति बनाई
जेटली के कार्यकाल में उपभोक्ता महंगाई 7.72 फीसदी से घटकर 2.92 फीसदी तक आ गई
अरुण जेटली के कार्यकाल में रेरा (RERA) बिल पास हुआ
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए SIT का गठन किया
अरुण जेटली के वित्तमंत्री रहते हुए ही पाकिस्तान से Most Favoured Nation (MFN) का दर्जा छीना
FDI के नियमों को आसान कर विदेशी निवेश बढ़ाने में सफलता
रेल बजट को आम बजट में शामिल करना, बैंकों में एनपीए कम करने में सफलता


 



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